Thursday, 29 December 2011


Kabhi Pehli Bar School Jaane Mein Dar Lagta Tha, 
Aaj Har Rasta Khud Hi Chunte Hai.. 

Kabhi Mummy-Papa Ki Har Baat Sacchi Lagti Thi, 
Aaj Unhi Se Jhooth Bolte Hai... 
... 
Kabhi Chhoti Si Chot Kitna Rulati Thi, 
Aaj DIL TOOT JAATA HAI FIR Bhi SAMBHAL Jaate 
Hai.. 

Pehle Dost Bus Saath Khelne Tak Yaad Rehte The, 
Aaj Kuch Dost Jaan Se Zyada Pyare Lagte Hai.. 

Ek Din Tension Ka Meaning Maa Se Puchna Padta Tha, 
Or Aaj Tension Soulmate Lagta Hai.. 

Ek Din Tha Jab Pal Me Ladna, Pal Me Manana To 
Roz Ka Kam Tha, 
Aaj Ek Baar Jo Juda Hue To Rishte tak Kho Jate Hai.. 

Sachi, Zindagi Ne Bahut Kuch Sikha Diya... 

Na Jaane Rab Ne Humko Itne Jaldi Bada Kyun Bana Diya. :'(

Tuesday, 27 December 2011


मुसाफ़िर हैं हम तो चले जा रहे हैं बड़ा ही सुहाना ग़ज़ल का सफ़र है।
पता पूछते हो तो इतना पता है हमारा ठिकाना गुलाबी नगर है।

ग़ज़ल ही हमारा अनोखा जहाँ है ग़ज़ल प्यार की वो हसीं दासताँ है।
इसे जो भी सुनता है, वो झूमता है वो जादू है इसमें कुछ ऐसा असर है।

ना कोई थकन है, न कोई ख़लिश है मोहब्बत की जाने ये कैसी कशिश है।
जिसे देखिए वो चला जा रहा है, जहान-ए-ग़ज़ल की सुहानी डगर है।

वली, मीर, मोमिन ने इसको निखारा जिगर, दाग़, ग़ालिब ने इसको सँवारा।
इसे मोसिक़ी ने गले से लगाया ग़ज़ल आज दुनिया के पेश-ए-नज़र है।

यही है हमारा ताल्लुक़ ग़ज़ल से हम इसके लिए ये हमारे लिए है।
ये अपनी कहानी ज़माने में ‘हसरत’ सभी को पता है, सभी को ख़बर है
हितैषी प्रार्थना .....
हे परमेश्वर!
कृपया हमारी प्रार्थना स्वीकार करें.
आपकी कृपाओं के लिए हम सदैव आपके आभारी हैं, कृपया हमारी विनयपूर्ण श्रद्धा को स्वीकार करें.
अच्छे कार्यों को करते रहने तथा बुरे कार्यों से दूर रहने में हमारी मदद करें तथा हमारा मार्गदर्शन करें,
हमारी गलतियों को क्षमा करें तथा हमें मुसीबतों से बचाएं,
हमें सद्बुद्धि प्रदान करें तथा हमारे उन्नति के प्रयासों को सफलता प्रदान करें,
समस्त संसार को शांति, सद्भावना तथा सुरक्षा प्रदान करें तथा हम सबकी जीवन रक्षा करें,
हम पर अपनी कृपा बनाये रखें तथा हम सबका कल्याण करें.

जीवन की आपाधापी में कब वक़्त मिला 
कुछ देर कहीं पर बैठ कभी यह सोच सकूँ
जो किया, कहा, माना उसमें क्या बुरा भला।


मैं खड़ा हुआ हूँ इस दुनिया के मेले में,
हर एक यहाँ पर एक भुलाने में भूला
हर एक लगा है अपनी अपनी दे-ले में
कुछ देर रहा हक्का-बक्का, भौचक्का-सा,
आ गया कहाँ, क्या करूँ यहाँ, जाऊँ किस जा?
फिर एक तरफ से आया ही तो धक्का-सा
मैंने भी बहना शुरू किया उस रेले में,
क्या बाहर की ठेला-पेली ही कुछ कम थी,
जो भीतर भी भावों का ऊहापोह मचा,
जो किया, उसी को करने की मजबूरी थी,
जो कहा, वही मन के अंदर से उबल चला,
जीवन की आपाधापी में कब वक़्त मिला
कुछ देर कहीं पर बैठ कभी यह सोच सकूँ
जो किया, कहा, माना उसमें क्या बुरा भला।


मानस के अन्दर उतनी ही कमज़ोरी थी,
जितना ज़्यादा संचित करने की ख़्वाहिश थी,
उतनी ही छोटी अपने कर की झोरी थी,

कविता


कोई दौलत पर नाज़ करते हैं
कोई शोहरत पर नाज़ करते हैं
जिसके साथ आप जैसा दोस्त हो
वो अपनी किस्मत पर नाज़ करते हैं

हर खुशी दिल के करीब नहीं होती
ज़िंदगी ग़मों से दूर नहीं होती
इस दोस्ती को संभाल कर रखना
क्यूंकि दोस्ती हर किसी को नसीब नहीं होती

रेत पर नाम लिखते नहीं
रेत पर लिखे नाम कभी टिकते नहीं
लोग कहते हैं पत्थर दिल हैं हम
लेकिन पत्थरों पर लिखे नाम कभी मिटते नहीं

दिल से दिल की दूरी नहीं होती
काश कोई मज़बूरी नहीं होती
आपसे अभी मिलाने की तमन्ना है
लेकिन कहते हैं हर तमन्ना पुरी नहीं होती

फूलों से हसीं मुस्कान हो आपकी
चाँद सितारों से ज्यादा शान

WHAT IS TRUE............ ??


गलतियों से जुदा वो भी नहीं मैं भी नहीं। 
दोनों इंसान हैं, खुदा वो भी नहीं मैं भी नहीं। 
वो मुझे और मैं उसे इल्जाम देता है मगर, 
अपने अंदर झांकता वो भी नहीं मैं भी नहीं। 
गलतफहमियों ने कर दी दोनों में पैदा दूरियां, 
वरना फितरत का बुरा वो भी नहीं मैं भी नहीं। 
इस घूमती जिंदगी में दोनों का सफर जारी रहा, 
एक लम्हे को रुका वो भी नहीं मैं भी नहीं। 
चाहते दोनों ब...

अच्छे सोच

"अजीब है  ना"
Rs.20 का  नोटबहोत  ज्यादा लगता है जब गरीब को देना हो, मगर होटल में टिप देना हो तो बहोत  कम  लगता  है .
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3 मिनट  के लिए भगवन  को  याद  करना कितना मुश्किल है,
मगर 3 घंटे  का फिल्म  देखना  आसान है. 
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पुरे दिन मेहनत के बाद जिम जाने से नही थकते,मगर जब माँ -बाप के पैर दबाना हो तो  हम थक  जाते  हैं.
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VALENTINE's DAY के  लिए  हम  पूरे  साल  इंतज़ार  करते  है , मगर  MOTHER's DAY कब  है  हमे पता ही नहीं .
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इस MSG क  फॉरवर्ड करना बहुत मुश्किल होगा, जबकि फ़िज़ूल के जोक्स को फॉरवर्ड करना हमारा  फ़र्ज़ बन जाता  है.
अजीब है न ...? ♥♥ 

Monday, 26 December 2011

कुसंगति से बचना चाहिए


बुरे चरित्र वाले, अकारण दूसरों 
को हानि पहुँचाने वाले तथा अशुद्ध स्थान पर रहने वाले व्यक्ति के साथ जो पुरुष 
मित्रता करता है, वह शीघ्र ही नष्ट हो जाता है। आचार्य चाणक्य का कहना है मनुष्य को 
कुसंगति से बचना चाहिए। वे कहते हैं कि मनुष्य की भलाई इसी में है कि वह जितनी 
जल्दी हो सके, दुष्ट व्यक्ति का साथ छोड़ दे।

Saturday, 24 December 2011

स्वागतम

आधुनिक विचार में आपका हार्दिक स्वागत है